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मैक्स हॉस्पिटल, साकेत, में रोबोटिक बाइलेटरल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी से 61-वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी, हुआ सेम-डे डिस्चार्ज

मैक्स हॉस्पिटल, साकेत, में रोबोटिक बाइलेटरल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी से 61-वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी, हुआ सेम-डे डिस्चार्ज

मेरठ, जून 23, 2026: जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक और विशेषज्ञता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नई दिल्ली स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत के डॉक्टरों ने दोनों घुटनों में गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित 61-वर्षीय मरीज की सफल डे-केयर रोबोटिक आर्म-असिस्टेड बाइलेटरल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की। इस सफल प्रक्रिया के बाद मरीज को उसी दिन हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई, जो आधुनिक सर्जिकल तकनीकों और एडवांस्ड रिकवरी प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता को दर्शाता है। 


श्रीमती पूनम संगल, पिछले कई वर्षों से दोनों घुटनों के गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से जूझ रही थीं। दोनों घुटनों में लगातार दर्द के कारण उनकी चलने-फिरने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा था। सीढ़ियां चढ़ना, पैदल चलना और घरेलू कार्य करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था। दवाओं और अन्य पारंपरिक उपचारों के बावजूद उनकी समस्या लगातार बढ़ती गई, जिसके बाद उन्होंने विशेषज्ञ ऑर्थोपेडिक उपचार लेने का निर्णय लिया। विस्तृत जांच और मूल्यांकन के बाद उन्हें डे-केयर बाइलेटरल टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी गई। 


इस मामले पर टिप्पणी करते हुए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत, मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के चेयरमैन एंड चीफ़ - डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी, ने कहा, “घुटनों का ऑस्टियोआर्थराइटिस बढ़ती उम्र में विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। श्रीमती संगल के दोनों घुटने गंभीर रूप से प्रभावित थे, जिससे उनकी गतिशीलता और स्वतंत्रता काफी सीमित हो गई थी। रोबोटिक-असिस्टेड नी रिप्लेसमेंट तकनीक ने हमें सर्जरी की योजना अत्यंत प्रिसिशन और एक्यूरेसी के साथ बनाने में मदद की, जिससे बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सके।”
रोबोटिक सर्जरी का सबसे बड़ा लाभ इसका डे-केयर मॉडल है, जो मरीजों को तेजी से रिकवरी और जल्द चलने-फिरने में सक्षम बनाता है। यह एक मिनिमली इनवेसिव तकनीक है, जिसके कारण रक्तस्राव कम होता है, दर्द अपेक्षाकृत कम रहता है और मरीज जल्दी स्वस्थ होते हैं। लोकल एनेस्थीसिया का प्रभाव समाप्त होते ही मरीजों को रिहैबिलिटेशन संबंधी व्यायाम शुरू करा दिए जाते हैं। इसके बाद सहारे के साथ चलना और फिर बिना सहारे चलने की प्रक्रिया शुरू होती है। कई मरीज तो कुछ ही समय में सीढ़ियां चढ़ने में भी सक्षम हो जाते हैं।   


हॉस्पिटल में की जाने वाली सभी सर्जरी स्टेपल-लेस या स्यूचर-लेस होती हैं। सर्जरी के बाद केवल एक साधारण वाटर-रेसिस्टेंट स्ट्रैप लगाया जाता है, जिसे मरीज 12 दिन बाद स्वयं हटा सकते हैं और इसके लिए उन्हें हॉस्पिटल आने की आवश्यकता नहीं होती। प्रत्येक मरीज के लिए एक सख्त उपचार एवं रिकवरी प्रोटोकॉल अपनाया जाता है, जिसकी निगरानी विशेषज्ञ डॉक्टरों की समर्पित टीम द्वारा की जाती है। आपातकालीन परिस्थितियों में भी यह टीम हर समय उपलब्ध रहती है। अब तक के अनुभव में मरीजों के परिणाम बेहद सकारात्मक रहे हैं। 


रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के फायदों पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. भट्टाचार्जी, ने कहा, “आज नी रिप्लेसमेंट कराने वाले मरीज सर्जरी के उसी दिन स्वतंत्र रूप से चलना शुरू कर सकते हैं और अधिकांश मरीजों को 48 घंटे के भीतर छुट्टी दे दी जाती है। यह पारंपरिक सर्जरी की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि है, जो मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाती है। रोबोटिक-असिस्टेड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी बेहतर सर्जिकल सटीकता, कम कॉम्प्लीकेशन्स और तेज रिकवरी सुनिश्चित करती है। रियल-टाइम इमेजिंग और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों की मदद से अब हम प्रत्येक मरीज की शारीरिक संरचना के अनुरूप अत्यधिक सटीक इम्प्लांट प्रदान कर सकते हैं।”  


वर्तमान में श्रीमती संगल तेजी से स्वस्थ हो रही हैं। उन्होंने घुटनों के दर्द में उल्लेखनीय राहत महसूस की है और अपनी ताकत, आत्मविश्वास तथा गतिशीलता को दोबारा हासिल करने की दिशा में लगातार प्रगति कर रही हैं। उनकी रिकवरी इस बात का प्रमाण है कि डे-केयर रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी कम रिकवरी समय के साथ बेहतर परिणाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 


यह सफल सर्जरी मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत के मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट की विशेषज्ञता और अत्याधुनिक सुविधाओं को दर्शाती है। हॉस्पिटल उन्नत तकनीक, एविडेंस बेस्डउपचार प्रोटोकॉल और व्यापक पुनर्वास सहायता के माध्यम से मरीजों को विश्वस्तरीय ऑर्थोपेडिक देखभाल प्रदान कर रहा है। विशेषज्ञों की समर्पित टीम और आधुनिक रोबोटिक प्रणालियों के साथ हॉस्पिटल का लक्ष्य मरीजों को व्यक्तिगत उपचार प्रदान करते हुए उन्हें सक्रिय, स्वस्थ और दर्द-मुक्त जीवन की ओर वापस लौटने में मदद करना है।

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मैक्स स्मार्ट हॉस्पिटल, साकेत, ने मुरादाबाद में शुरू की विशेष ऑन्कोलॉजी ओपीडी सेवाएं

मैक्स स्मार्ट हॉस्पिटल, साकेत, ने शुरू की विशेष ऑन्कोलॉजी ओपीडी सेवाएं

मुरादाबाद, जून 19, 2026: मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत ने आज मुरादाबाद स्थित आशीर्वाद नर्सिंग होम में अपनी विशेष ऑन्कोलॉजी (कैंसर) ओपीडी सेवाओं की शुरुआत की। इस अवसर पर मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के चेयरमैन - डॉ. (प्रो.) एसवीएस डियो तथा आशीर्वाद नर्सिंग होम, मुरादाबाद के मैनेजिंग डायरेक्टर - डॉ. मनोज अग्रवाल उपस्थित रहे।


डॉ. (प्रो.) एसवीएस डियो प्रत्येक माह के चौथे शनिवार को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आशीर्वाद नर्सिंग होम, मुरादाबाद में मरीजों को प्राथमिक परामर्श और फॉलो-अप सेवाएं प्रदान करेंगे।


इस अवसर पर मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के चेयरमैन - डॉ. (प्रो.) एसवीएस डियो, ने कहा, “जागरूकता की कमी के कारण लोग अक्सर कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और तब तक चिकित्सकीय सहायता नहीं लेते, जब तक बीमारी गंभीर अवस्था में नहीं पहुंच जाती। इसलिए लोगों को कैंसर से बचाव के उपायों, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित रूप से स्वयं जांच करने के महत्व के बारे में जागरूक करना बेहद आवश्यक है। आज मिनिमली इनवेसिव और रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों के कारण कैंसर सर्जरी अधिक सटीक, सुरक्षित और बेहतर परिणाम देने वाली हो गई है।


समय पर स्क्रीनिंग और शुरुआती पहचान बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रारंभिक अवस्था में कैंसर का उपचार अधिक प्रभावी होता है, जिससे मरीजों की जीवन प्रत्याशा और जीवन गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात समय पर निदान है, जो उपचार की सफलता में निर्णायक भूमिका निभाता है।”


डॉ. डियो, ने आगे कहा, “इन ओपीडी सेवाओं का उद्देश्य उन मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और उपचार संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, जिन्हें शरीर में गांठ, खून की उल्टी, निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना या कैंसर से जुड़े अन्य चिंताजनक लक्षणों का सामना करना पड़ रहा है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक मरीजों को समय पर जांच, सही निदान और उचित उपचार का लाभ मिल सके। नई ऑन्कोलॉजी ओपीडी में व्यापक परामर्श, उपचार योजना और फॉलो-अप देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिन्हें अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों का सहयोग प्राप्त होगा।”


आशीर्वाद नर्सिंग होम, मुरादाबाद के मैनेजिंग डायरेक्टर - डॉ. मनोज अग्रवाल, ने कहा, “हमें मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के साथ जुड़कर क्षेत्र में एडवांस कैंसर उपचार सेवाएं उपलब्ध कराने की खुशी है। यह सहयोग मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा, क्योंकि उन्हें अपने शहर के नजदीक ही विशेषज्ञ कैंसर देखभाल सेवाओं तक पहुंच मिल सकेगी।” 


मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत की इन ओपीडी सेवाओं के माध्यम से मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को शहर में ही विशेषज्ञ परामर्श, सेकेंड ओपिनियन तथा एडवांस कैंसर उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इससे मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली की यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी, साथ ही कैंसर की शुरुआती पहचान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह समय पर उपलब्ध हो सकेगी।

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विद्यामंदिर क्लासेस द्वारा नेशनल एडमिशन टेस्ट मई 2026 में आयोजित होगी

विद्यामंदिर क्लासेस द्वारा नेशनल एडमिशन टेस्ट मई 2026 में आयोजित होगी

विद्यामंदिर क्लासेज (वीएमसी) देश का जाना-माना कोचिंग संस्थान है जो जेईई (मेन व एडवांस), नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विशिष्टता रखता है. वीएमसी अपने फ्लैगशिप टेस्ट यानी एनएटी के लिए तैयार है जिसके जरिए छात्र एडमिशन और स्कॉलरशिप पा सकेंगे. ये टेस्ट 9, 10 , 16 और 17 मई  को होगा जिसके जरिए देशभर के अच्छे छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा और उनकी परफॉर्मेंस के लिए रिवॉर्ड भी दिया जाएगा. यह स्कॉलरशिप कम एडमिशन टेस्ट छात्रों को प्रोत्साहित करने और उन्हें शैक्षिक सफलता की ओर प्रेरित करने के लिए आयोजित किया जाएगा।



यह परीक्षा उन छात्रों के लिए है जो कक्षा 6वीं, 7वीं, 8वीं, 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं में जा रहे हैं। उन्हें विद्यामंदिर क्लासेज के विभिन्न प्रोग्राम्स में दाखिले और 100% तक की स्कॉलरशिप पाने का अवसर मिलेगा। इस टेस्ट के माध्यम से छात्र जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी में भी बढ़त हासिल करेंगे। इसके तहत वीएमसी संस्थापकों और विशेषज्ञों द्वारा मेंटॉरशिप / मोटिवेशनल सेशंस, नि:शुल्क डाउट रिज़ॉल्यूशन, निकटतम वीएमसी केंद्र पर अकादमिक सहायता, अच्छी तरह से शोधित और वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया गया ई-स्टडी मैटेरियल और असीमित मॉक टेस्ट का लाभ भी दिया जाएगा। वीएमसी पूरे देश में नेशनल एडमिशन टेस्ट का आयोजन अपने प्रतिष्ठित क्लासरूम और ऑनलाइन प्रोग्राम्स के लिए छात्रों का चयन करने हेतु करता है। इन प्रोग्राम्स को जेईई और नीट के साथ-साथ ओलंपियाड्स और बोर्ड्स जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।



विद्यामंदिर क्लासेज के सह-संस्थापक श्री बृज मोहन ने कहा “विभिन्न चरणों में छात्रों की जरूरतों को समझना वीएमसी की शिक्षण पद्धति की प्रेरणा रहा है। यही कारण है कि हमारे छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। वीएमसी में कक्षाओं का नेतृत्व संस्थापकों और अत्यधिक अनुभवी फैकल्टी सदस्यों द्वारा किया जाता है, जो जेईई और नीट जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए छात्रों को तैयार करते हैं।” विद्यामंदिर क्लासेज का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक और तकनीकी ज्ञान की एक ठोस नींव तैयार करना और योग्य और प्रेरित इंजीनियरों और डॉक्टरों को तैयार करना है। जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं के लिए तैयारी करने वाले छात्रों को, जो देश के शीर्ष इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन करना चाहते हैं, इस परीक्षा को जरूर देना चाहिए।



अधिक जानकारी और एनएटी के लिए रजिस्ट्रेशन करने हेतु www.vidyamandir.com पर जाएं।


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